Sunday, October 7, 2012

Ye duniya agar mil bhi jaye to kya hai

Sorry to start the Sunday on this note but this song came to me this morning after reading my email and I had to post it:


Here are the lyrics in Hindi (Taken from http://geetmanjusha.com/)

ये महलों, ये तख्तो, ये ताजों की दुनियाँ
ये इंसान के दुश्मन समाजों की दुनियाँ
ये दौलत के भूखे रवाजों की दुनियाँ
ये दुनियाँ अगर मिल भी जाए तो क्या है

हर एक जिस्म घायल, हर एक रूह प्यासी
निगाहों में उलझन, दिलों में उदासी
ये दुनियाँ हैं या आलम-ए-बदहवासी
ये दुनियाँ अगर मिल भी जाए तो क्या है

जहा एक खिलौना है, इंसान की हस्ती
ये बसती हैं मुर्दा परस्तों की बस्ती
यहाँ पर तो जीवन से मौत सस्ती
ये दुनियाँ अगर मिल भी जाए तो क्या है

जवानी भटकती हैं बदकार बनकर
जवां जिस्म सजते हैं बाजार बनकर
यहाँ प्यार होता हैं व्यापार बनकर
ये दुनियाँ अगर मिल भी जाए तो क्या है

ये दुनियाँ जहा आदमी कुछ नहीं है
वफ़ा कुछ नहीं, दोस्ती कुछ नहीं है
यहाँ प्यार की कद्र ही कुछ नहीं है
ये दुनियाँ अगर मिल भी जाए तो क्या है

जला दो इसे, फूंक डालो ये दुनियाँ
मेरे सामने से हटा लो ये दुनियाँ
तुम्हारी हैं तुम ही संभालो ये दुनियाँ
ये दुनियाँ अगर मिल भी जाए तो क्या है






2 comments:

Dinesh said...

ये दुनियाँ अगर मिल भी जाए तो क्या है... these words remind me of -
For what shall it profit a man, if he shall gain the whole world, and lose his own soul?
- Mark 8:36

Madras Hash said...

I was reading this post in Chrome (browser), and there was a bar at the top that said "This page is in Hindi; do you want to translate it?" After reading the hindi bit, I clicked Yes, just to see what Google Translate would do. Try it, and have a laugh if you can. The translation is so bad, that Google should sack their QA team.